Dhirendra Shastri Exclusive Interview 2025 | “मुस्लिम विरोधी नहीं, ‘सर तन से जुदा’ गलत” – बागेश्वर धाम सरकार
"मैं मुस्लिम विरोधी नहीं" – धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ कहा कि उनकी बातों को गलत अर्थ में लिया जाता है।
उन्होंने कहा —
“मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना कहता हूं कि ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे इंसानियत के खिलाफ हैं।”
उनका कहना है कि धर्म का असली संदेश प्रेम, शांति और सह-अस्तित्व है।
‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे पर कड़ी प्रतिक्रिया
धीरेंद्र शास्त्री ने इंटरव्यू में कहा कि जो लोग हिंसा और नफरत फैलाते हैं,
वे किसी धर्म का भला नहीं कर रहे हैं।
“कोई भी धर्म हिंसा नहीं सिखाता। जो लोग ऐसे नारे लगाते हैं, वे अपने धर्म की बदनामी करते हैं।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
हिंदू एकता का संदेश
उन्होंने इस इंटरव्यू में खासतौर पर हिंदू एकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा —
“हिंदू एकजुट हों, लेकिन किसी से बैर नहीं रखें। हमारी एकता समाज और देश की ताकत है।”
उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे धर्म की सही समझ विकसित करें और हिंसा से दूर रहें।
राष्ट्र की एकता का आह्वान
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी विविधता और एकता है।
“हम सब एक ही परिवार का हिस्सा हैं — वसुधैव कुटुंबकम्। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब एक हैं।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब समाज को नफरत नहीं, संवाद की जरूरत है।
जनता की प्रतिक्रिया
यह इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
कई लोगों ने उनकी स्पष्टता और शांति के संदेश की सराहना की,
जबकि कुछ ने उनके बयानों पर बहस भी की।
लेकिन ज़्यादातर लोगों ने माना कि देश में एकता का संदेश बहुत ज़रूरी है।
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Conclusion:
धीरेंद्र शास्त्री का यह इंटरव्यू यह साबित करता है कि भारत की असली ताकत उसकी एकता में है।
उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंसा और नफरत के खिलाफ हैं।
उनका यह संदेश युवाओं और समाज के लिए प्रेरणादायक है —
“धर्म वही जो प्रेम सिखाए, और भारत वही जो सबको साथ लेकर चले।”


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