उत्तर प्रदेश में बाढ़ और भारी बारिश का कहर – 2025 की ताज़ा स्थिति
अगस्त 2025 में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासतौर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश, जैसे कि गोरखपुर, बलिया, आज़मगढ़, बहराइच, लखीमपुर खीरी, गोंडा और श्रावस्ती ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं।
भारी बारिश का असर
बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कई क्षेत्रों में औसतन 150 से 300 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। घाघरा, सरयू, राप्ती, शारदा और गंगा नदी का पानी आस-पास के गांवों और कस्बों में घुस चुका है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित जिले और क्षेत्र
सबसे ज्यादा संकट की स्थिति इन जिलों में देखी जा रही है:
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गोंडा: राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के ऊपर है, कई गांवों का संपर्क टूट चुका है।
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बहराइच: घाघरा नदी का पानी गांवों में घुस गया है, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है।
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बलिया: गंगा और घाघरा दोनों नदियों में उफान है, निचले इलाकों में जलभराव और फसलें बर्बाद।
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गोरखपुर: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भारी जलजमाव, स्कूलों में छुट्टी की घोषणा।
प्रशासन की तैयारियां और राहत कार्य
उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमों को प्रभावित जिलों में भेजा गया है। अब तक:
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लगभग 50,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
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अस्थाई राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयों की व्यवस्था की गई है।
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प्रशासन ने बाढ़ चेतावनी जारी कर लोगों को नदियों के किनारे से दूर रहने की अपील की है।
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स्कूल-कॉलेजों में छुट्टियाँ घोषित की गई हैं, कुछ इलाकों में बिजली और इंटरनेट सेवा भी बाधित है।
कृषि और जनजीवन पर प्रभाव
भारी बारिश और बाढ़ का असर कृषि पर बहुत बुरा पड़ा है। धान, गन्ना, मक्का जैसी प्रमुख फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो रही हैं। किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई इलाकों में पशुओं की भी मौत हुई है और चारा-पानी की समस्या पैदा हो गई है।
जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है –
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सड़कें पानी में डूबी हैं।
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बस और रेल सेवाएं प्रभावित।
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गांवों का संपर्क शहरों से कटा हुआ है।
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बीमारियों का खतरा बढ़ा है – जैसे डायरिया, डेंगू, मलेरिया आदि।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3-4 दिनों तक उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
जनता से अपील
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जनता से अपील की गई है कि:
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अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
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सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से बचें।
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सरकारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
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बिजली के खंभों, जलभराव वाले इलाकों और कमजोर इमारतों से दूरी बनाए रखें।
सरकार की पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए आपातकालीन राहत कोष से धन जारी करने के आदेश दिए हैं। सरकार द्वारा:
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पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा,
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फसल क्षति के लिए बीमा सहायता,
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और नए बांध व पुल निर्माण की योजना पर काम किया जा रहा है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में बाढ़ और बारिश की यह आपदा सरकार और आम जनता दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में सामूहिक सहयोग और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। ज़रूरी है कि लोग प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और एक-दूसरे की मदद करें



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